Delhi Riots 2020: 9 People Acquitted with Honor

दिल्ली दंगे 2020: 9 लोग बाइज्जत बरी
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने वकीलों की कानूनी जद्दोजहद की सराहना की
जमीयत की कोशिशों से अब तक 125 लोग बाइज्जत बरी हो चुके हैं

नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2025: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों 2020 से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 9 लोगों को बाइज्जत बरी कर दिया है। 30 मार्च को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जस्टिस प्रवीण सिंह ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष का मामला कुछ प्रमुख गवाहों के बयानों पर आधारित था, लेकिन इन बयानों में समय, स्थान और आरोपियों की पहचान के संबंध में स्पष्ट विरोधाभास पाए गए। इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ गवाहों ने इनोवा क्रिस्टा गाड़ी पर हमले और ‘रॉयल मोटर्स’ की दुकान को आग के हवाले किए जाने की घटना के स्थान, समय और अपनी उपस्थिति के बारे में परस्पर विरोधी, बल्कि कुछ स्थानों पर भ्रामक बयान दिए। माननीय न्यायाधीश ने यहां तक कहा कि कुछ गवाहों ने इन मामलों में झूठी गवाही दी है।

यह मामला वर्ष 2020 में दयालपुर थाने में दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें 24 फरवरी 2020 के दंगों के दौरान चांद बाग इलाके में घटित अनेक घटनाएं शामिल थीं। मामले में शाह आलम, राशिद सैफी, मोहम्मद शादाब, हबीब, इरफान, सुहैल, सलीम उर्फ आशू, इरशाद और अजहर उर्फ सोनू नामजद थे, जिन्हें अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस मामले में आरोपियों इरशाद और हबीब की कानूनी पैरवी जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट सलीम मलिक ने की।

उल्लेखनीय है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर जमीयत के वकीलों की टीम, मौलाना नियाज अहमद फारूकी, सचिव जमीयत उलेमा-ए-हिंद की निगरानी में, दिल्ली दंगों से संबंधित 267 ट्रायल मामलों में कानूनी पैरवी कर रही है, जिनमें अब तक 125 लोग बाइज्जत बरी हो चुके हैं। इससे पहले दिल्ली दंगों में राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी कर रहे थे।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हज़रत मौलाना महमूद असद मदनी ने इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए वकीलों की कानूनी जद्दोजहद की सराहना की और कहा कि न्याय की सर्वोच्चता के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद अपनी कानूनी सेवाएं जारी रखेगी।

 

دہلی فسادات 2020: 9 افراد باعزت بری

صدر جمعیۃ علماء ہند مولانا محمود اسعد مدنی نے وکلاء کی قانونی جدوجہد کی ستائش کی

جمعیۃ کی کوششوں سے اب تک 125 افراد باعزت بری ہو چکے ہیں
نئی دہلی 3 اپریل 2025: شمال مشرقی دہلی فسادات 2020 سے متعلق ایک اہم مقدمہ میں دہلی کی ایک عدالت نے 9 افراد کو باعزت بری کر دیا ہے۔ 30مارچ کو ایڈیشنل سیشن جج جسٹس پروین سنگھ نے اپنے فیصلے میں واضح کیا کہ استغاثہ کا مقدمہ چند کلیدی گواہوں کے بیانات پر قائم تھا، لیکن ان بیانات میں وقت، مقام اور ملزموں کی شناخت کے حوالے سے نمایاں تضادات پائے گئے جس کی بنیاد پر تمام ملزمان کو شک کا فائدہ دیتے ہوئے بری کیا جاتا ہے۔
عدالت نے یہ بھی مشاہدہ کیا کہ بعض گواہوں نے انووا کرسٹا گاڑی پر حملے اور ’ رائل موٹرز‘کی دکان کو نذر آتش کیے جانے کے واقعے کے مقام، وقت اور اپنی موجودگی کے بارے میں متضاد، بلکہ بعض مقامات پر گمراہ کن بیانات دیے۔ فاضل جج نے یہاں تک  کہا کہ بعض گواہوں نے ان معاملات میںجھوٹی شہادت دی ہے۔
یہ مقدمہ سال 2020 میں دیال پور تھانے میں درج ایک ایف آئی آر سے متعلق ہے جس میں 24 فروری 2020 کے فسادات کے دوران چاند باغ علاقے میں پیش آنے والے متعدد واقعات شامل تھے۔ مقدمے میں شاہ عالم، راشد سیفی، محمد شاداب، حبیب، عرفان، سہیل، سلیم عرف آشُو، ارشاد اور اظہر عرف سونو نامزد تھے، جنہیں عدالت نے تمام الزامات سے بری کر دیا۔اس مقدمہ میں ملزمان ارشاد اور حبیب کی قانونی پیروی جمعیۃ علماء ہند کی جانب سے سینئر وکیل ایڈوکیٹ سلیم ملک نے کی۔
واضح رہے کہ جمعیۃ علماء ہند کے صدر مولانا محمود اسعد مدنی کی ہدایت پر جمعیۃ کے وکلا کی ٹیم زیر نگرانی مولانا نیاز احمد فاروقی سکریٹری جمعیۃ علماء ہند دہلی فسادات سے متعلق 267 ٹرائل مقدمات میں قانونی پیروی کر رہی ہے، جن میں اب تک 125 افراد باعزت بری ہو چکے ہیں ۔ ازیں قبل دہلی فسادات میں ریلیف اور بازآبادکاری کے کاموں کی نگرانی مولانا محمد حکیم الدین قاسمی انجام دے رہے تھے۔صدر جمعیۃ علماء ہند حضرت مولانا محمود اسعد مدنی نے اس فیصلے پر اطمینان کا اظہار کرتے ہوئے وکلاء کی قانونی جدوجہد کو سراہا اور کہا کہ انصاف کی بالادستی کے لیے جمعیۃ علماء ہند اپنی قانونی خدمات جاری رکھے گی۔
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مدیر محترم اس پر یس ریلیز کو شائع فرما کر شکر گزار کریں
 
نیاز احمد فارو قی
سکریٹری جمعیۃ علماء ہند
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