Condolence message by the President of Jamiat Ulama-i-Hind on the demise of Hazrat Maulana Abdullah Mughisi

हज़रत मौलाना हकीम अब्दुल्लाह मुगीसी के इंतिकाल पर सद्र जमीयत उलेमा-ए-हिंद का शोक संदेश

*नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026:* जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सद्र मौलाना महमूद असद मदनी ने ऑल इंडिया मिली काउंसिल के सद्र तथा जामिया अरबिया गुलज़ार हुसैनिया *अजराड़ा* के मोहतमिम, हज़रत मौलाना हकीम अब्दुल्लाह मुगीसी के इंतिकाल पर गहरे दुख और शोक का इज़हार किया है।

अपने शोक संदेश में मौलाना मदनी ने कहा कि मरहूम ने अपनी पूरी ज़िंदगी दीन की ख़िदमत, मिल्लत की रहनुमाई, सामाजिक सुधार और क़ौमी मसलों के हल के लिए समर्पित कर दी थी। उनका देश के कई बड़े उलेमा और बुज़ुर्गों से गहरा संबंध था। वह हज़रत मौलाना अबुल हसन अली हसनी नदवी रहमतुल्लाह अलैह के क़रीबी रहे और हज़रत मौलाना सैयद असद मदनी रहमतुल्लाह अलैह से भी उनकी विशेष रूहानी और तंजीमी निस्बत थी।

वह हज़रत मौलाना फखरुद्दीन मुरादाबादी के शागिर्द थे और लंबे समय तक जमीयत उलेमा मेरठ के सद्र के रूप में दीन और मिल्लत की बेदारी के लिए महत्वपूर्ण सेवाएँ अंजाम देते रहे। बाद में ऑल इंडिया मिली काउंसिल से जुड़कर उन्होंने क़ौमी और मिली मामलों में अहम रहनुमाई की।

मौलाना मदनी ने दुआ की कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनके दर्जात बुलंद करे और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

 

 

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